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ब्लड प्रेशर । high B P. Symptoms in hindi ।

 
High bp symptoms in hindi
बीपी बढने के लक्षण

    ब्लड प्रेशर-   हाई बीपी यानी हाइपरटेंशन। हाय  बीपी यानी बीपी का बढ़ना, यह एक अचानक से समझने वाली बिमारी  है। क्योंकि आप किसी दूसरे कारण से डॉक्टर को दिखाएंगे, जैसे कि सिर दुखना, चक्कर आना, इत्यादि तब डॉक्टर आपका BP चेक करेंगे; और आपको बताएंगे कि आपका बीपी बढ़ गया है। तभी आपको पता चलता है कि आपको बीपी की बीमारी है।
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सिर्फ आप ही नहीं हर तीसरे घर में कम से कम एक  तो पेशेंट हाई बीपी का मिल ही जाता है। तो हम सब लोगों के लिए बीपी के बारे में पूरी जानकारी होना बहुत ही महत्वपूर्ण है।  बीपी क्या है?  इसके लक्षण कौन-कौन से होते हैं ? यह कौन से कारणों से होता है? और इससे बचने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए?

Malaria vaccine 

        बीपी किसे कहते हैं

     ब्लड जब हमारी नसों में यानी धमनियों में दौड़ता है, तो उसका जो प्रेशर यानी दबाव धमनियों पर पड़ता है उसे बीपी कहा जाता है । यानी कि ब्लड प्रेशर।

     नार्मल रेंज ऑफ़ बीपी

       बीपी के दो रिडिंग्स होते हैं एक ऊपर का बीपी Systolic bp  और नीचे का बीपी diastolic bp ।इसकी नार्मल रेंज है ऊपर का 120 mmhg एमएमएचजी और नीचे का 80mmhg। हर इंसान में यह थोड़ा ऊपर नीचे भी होता है। यानी ऊपर का 130 भी हो सकता है 110 भी हो सकता है। और नीचे का 85 भी हो सकता है और 70 भी हो सकता है। वह उस इंसान के लिए नार्मल रेंज होती है।

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     बढ़ा हुआ बीपी किसे कहते हैं ? अगर ऊपर कभी बीपी 140 और नीचे का 90 तक हो तो उसे भी high नॉर्मल  कहा जाता है। bp अगर इससे ज्यादा  बढ़ जाए , समझो ऊपर का 140 से 180 तक और नीचे का 90 से 110 तक;  तो उसे हाई बीपी कहते हैं। वेरी हाई बीपी very high BP  उसे कहते हैं जब ऊपर का 180 से ज्यादा  और नीचे का 110 से ऊपर चला जाता है।

     बीपी बढ़ने के कारण

    नमक का खाने में ज्यादा मात्रा में सेवन करना, मोटापा, शराब पीना, धुम्रपान, व्यायाम का आभाव, तनाव, ओल्ड एज, फैमिली हिस्ट्री इस से बीपी बढ़ता है । जिनको किडनी की बीमारियां होती है, किडनी फैलियर failure, या फिर किडनी काम कम करती है, साथ ही साथ जिन लोगों को थायराइड की बीमारी होती है उनमें बीपी बढ़ता है।

     बीपी बढ़ने के दुष्परिणाम

       अगर आप का बढ़ा हुआ बीपी बहुत ज्यादा देर तक रहे या दिनों तक रहें। तो आपको ब्रेन स्ट्रोक brain stroke यानी की लकवा मारना paralysis भी हो सकता है। इसे अंग्रेजी में पैरालिसिस कहते हैं। बीपी बढ़ने की वजह से पेशेंट की ब्रेन की नसें फट जाती है। और उससे bleeding होता है। मस्तिष्क की नसें nerve डैमेज हो जाती है, और उनको क्षति पहुंचती है ।तो पेशेंट को लकवा यानी पैरालिसिस हो जाता है।

   2. बड़े हुए बीपी के कारण हर्ट पर load आ जाता है। प्रेशर ज्यादा होने के कारण हर्ट काम करना बंद कर देता है उसे हर्ट failure कहते हैं। कुछ-कुछ कैसेस में हर्ट का कुछ भाग काम करना बंद हो जाता है उसे हर्ट अटैक कहते हैं।

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 3. बड़े हुए बीपी का किडनी और आंखों के ऊपर बहुत ही ज्यादा दुष्परिणाम होता है। इससे किडनी फैलियर failure भी हो सकता है। और आंखों की रोशनी भी चली जा सकती है।

    बीपी बढ़ने के लक्षण

       सिर दुखना बीपी बढ़ने का सबसे महत्वपूर्ण लक्षण है। उसके साथ अगर चक्कर आ जाए तो आपको तुरंत ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए। साथ ही साथ अस्वस्थता बढ़ती है,  पेशेंट को ऐसा फील होता है कि मुझे कुछ तो हो रहा है लेकिन वह कह नहीं पाता कि, एक्जेक्टली exactly उसे क्या हो रहा है।

 हार्टबीट बढ़ जाती है, बहुत ही ज्यादा पसीना आता है, चलने के बाद सांस फूलती है, थोड़ी देर चलने के बाद बैठना पड़ता है, छाती में बार-बार दुखता है। और छाती का और पेट के बीच का हिस्सा कांपने लगता है। यानी वह ऊपर नीचे होता है। तो इन सब लक्षण अगर आप में दिखाई दे तो आपको तुरंत ही डॉक्टर के पास जाकर अपना बीपी चेक करवाना चाहिए।
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