सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

हाई बीपी । high bp treatment in hindi।

 
हाय बी पी
Hypertension precautions and treatment 

      High bp treatment in hindi- हाई बीपी के पहले पार्ट में मैंने आपको बीपी क्या है, वह कैसे होता है और उसे पहचाने कैसे;  यानी हाई बीपी के लक्षण कौन से हैं?  इसके बारे में विस्तार से बताया है। इस पार्ट टू part 2 में, मैं आपको आपका bp न बढ़े इसके लिए आपको क्या क्या पथ पालना चाहिए? क्या क्या नहीं करना चाहिए? क्या क्या खाना चाहिए? क्या नहीं खाना चाहिए? यह बताऊंगा। उसकी आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट और एलोपैथिक ट्रीटमेंट भी बताऊंगा।
Read this post in English 

     Precautions in high bp (पथ)

     हाई बीपी में सबसे महत्वपूर्ण बात है कि खाने में नमक बहुत ही कम रखना। क्योंकि हम इंडियंस के खाने में बहुत ही ज्यादा नमक होता है। ज्यादा ऑइली , स्पाइसी, मसालेदार, घी वाला खाना आपको नहीं खाना चाहिए। ज्यादा तीखा खाना भी आप छोड़ दें। यह सब के सब बहुत ही लिमिट में या फिर कम करें। बहुत ही ज्यादा शुगर वाला मीठा खाना, यानी मिठाइयां, शुगर, जलेबी इ. यह भी आप को एकदम से कम करना होगा।

     बीपी के पेशेंट को मटन, अंडा, चिकन, पूरी तरह से बंद करना चाहिए। नमक और  nonveg मटन, अंडा, चिकन, बंद करना पूरी तरह से, यह सबसे इंपोर्टेंट बात है बीपी कम करने के लिए। आप इसकी बजाय फिश fish खा सकते हैं। लेकिन वह भी कम तेल में ताला हुआ होना चाहिए। अचार, पापड़,  ड्राइड फिश, जिनमें नमक का ज्यादा इस्तेमाल होता है, तेल का ज्यादा इस्तेमाल होता है वह पूरी तरह से बंद करें।

Side effects of mobile 

    आपको 45 मिनट तक रोजाना एक्सरसाइज exercise करनी चाहिए। रोज सुबह या फिर शाम को दिन में एक बार तो एक्सरसाइज कीजिए। चलना या फिर फास्ट चलना सबसे बेस्ट एक्सरसाइज है खासकर 40 के ऊपर के लोगों के लिए। 40 से कम के लोग रनिंग भी कर सकते हैं। हफ्ते में कम से कम 5 दिन तक व्यायाम करना चाहिए। आप शरीर स्वस्थ रखने के लिए और टेंशन कम करने के लिए प्राणायाम या फिर योग कर सकते हैं।

    बीपी के पेशेंट को नशा पूरी तरह से बंद करना चाहिए। दारू, स्मोकिंग, पान, बीड़ी, गुटखा, तंबाकू यह सब बंद कर

   हाई बीपी पेशेंट की कुछ गलतफहमियां

   अगर आप में बीपी की बीमारी पाई गई हो, और आपको डॉक्टर ने बीपी की दवाई रोज खाने के लिए दी हो। तो आपको बीपी की गोली रोज खानी होगी। फिर भी कइ सारे मरीज हमको यह पूछते हैं कि क्या बीपी की गोली रोज लेना सही है?  क्या बीपी की गोली की लत लगती है?  या इससे कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होता?

        तो मैं आपको बता दूं की बीपी की गोली रोज एक लेनी ही चाहिए, उसकी बिल्कुल ही लत नहीं लगती। तो आप सोचेंगे कि रोज गोली लेना क्यों चाहिए?  क्योंकि बीपी की कौन सी भी गोली ज्यादा से ज्यादा 24 hrs  ही अपना असर दिखाती है। अगर आप दूसरे दिन गोली नहीं लेंगे तो आपका बीपी बढ़ता ही चला जाएगा। और तब तक बढ़ता चला जाएगा जब तक आप बीपी की गोली नहीं लेंगे।

Heat stroke read more- 

     अगर आपका भी bp बहुत ज्यादा बढ़ता है तो क्या हो सकता है यह मैंने आपको से पहले बता दिया है। तो हमको दो चीजें पूरे ध्यान से करनी चाहिए। पहला-बीपी की गोली कभी भी चुकनी नहीं चाहिए। भूलकर भी चुकनी नहीं चाहिए। दूसरा- महीने में कम से कम एक बार तो क्लीनिक या फिर अस्पताल में जाकर आप अपना बीपी चेक करवा लीजिए। अगर किसी भी गोली का आपको साइड इफेक्ट हो रहा हो तो आपको इसके बारे में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

     बीपी के गोलियों के साइड इफेक्ट्स

     कुछ लोगों को एखाद  गोली सूट नहीं करती, तो उनमें क्या लक्षण दिखाई देते हैं?  लक्षण है- चक्कर आना, घबराहट सी महसूस होना, सिर दुखना। तो आपको डॉक्टर को दिखाना पड़ेगा।  डॉक्टर आपको दूसरे प्रकार की बीपी की गोलियां लिख कर देंगे।

      High bp treatment । बीपी की आयुर्वेदिक औषधियां

  आयुर्वेदिक दवाई-  आपको अगर माइल्ड हाइपरटेंशन हो यानी ऊपर का 180 से नीचे और नीचे का 100 से नीचे। तो आपको 1. टेबलेट अबाना T. ABANA टू टैबलेट्स थ्री टाइम्स ए डे,  दिन में 2 गोलियां 2 बार।   और पुनर्नवासव PUNARNAVASAVA LIQ. चार चम्मच चार चम्मच पानी में मिलाकर सुबह और शाम को लेना है।

2.  Very high BP हाई बीपी के लिए यानी ऊपर का 180 से ऊपर और नीचे का 100 से ऊपर हो, तो आपको ऊपर के दो औषधि  के साथ आपको सर्पगंधा वटी sarpagandha vari टू टैबलेट्स थ्री टाइम्स ए डे लेना चाहिए, 2 गोलियां दिन में 2 बार।

    इनमें मॉडर्न allopathy की भी कई गोलियां दी जाती है, जैसे कि t. Amlip5, t.amlip at, t.telmikind-h इत्यादि लेकिन यह सब गोलिया आपको अपने फैमिली डॉक्टर के सलाह से ही लेनी चाहिए।
Read more- jaundice symptoms

High bp treatment, precautions in hypertension
High bp aayurvedic treatment 

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कोविड-19 टीका

दुनिया के बहुत सारे देश वैक्सिंग खोज निकालने में जुटे हुए हैं। इनमें से चार वैक्सीन बहुत ही महत्वपूर्ण है।  पहला अमेरिका के मॉडर्ना vaccine,  दूसरे रशिया  कि Gamalia यूनिवर्सिटी की वैक्सीन, जो मैंने पहले बताया। तीसरी है ऑक्सफर्ड जो ब्रिटेन की कंपनी है, जिसका उत्पादन भारत में सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है। चौथी है भारत बायोटेक की कोएक्सिंग covaccine ।
Read this post in ENGLISH 

Covid-19 vaccine 
सबसे पहले बात करेंगे रशिया की वैक्सीन के बारे में। उन्होंने यह  वैक्सीन उनके देश के फ्रंट  लाइन कोविड-19 योद्धाओं को ही लिए देना शुरू कर दिया है।  और उन्होने डिक्लेअर कर दिया है कि अक्टूबर से हर एक नागरिक को रशिया के दी जाएगी। यह टीका  भारत में बनाने के लिए डिस्कशन अभी जारी है।

लेकिन यह वैक्सीन दिसंबर से पहले भारतीयों में दिए जाने की आशायें  बहुत ही कम है। क्योंकि इसका मास प्रोडक्शन अभी से शुरू हुआ है। लेकिन वो पहले रशिया में ही दी जाएगी। इसका उत्पादन भारत में भी शुरू हुआ तब भी उसका टेस्टिंग नहीं किया गया है।  हम भारतीयों के ऊपर पहले फेस 1 फेस टू फेस 3 का टेस्टिंग होगा। उसके नतीजे अगर अच…

Melasma in hindi

Melasma in hindi - बहुत सारे लोगों के चेहरे पर झाइयां आ जाती है।  इसे अंग्रेजी में मेलास्मा भी कहते हैं । चेहरे पर काले दाग धब्बे आ जाते हैं।  झाइयों के ऊपर, काले दाग धब्बों के ऊपर आपको बहुत सारे आर्टिकल्स ब्लॉग्स  मिल जाएंगे।  किसी ने 3 दिन में दाग धब्बे कम करने को कहा है। किसी ने इसके ऊपर घरेलू उपाय बताएं है।
Read this post in English

     लेकिन मैं आपको आज झाइयां हटाने के लिए, चेहरे के काले दाग धब्बे हटाने के लिए, एक ऐसी क्रीम बताऊंगा जिससे आपकी दाग धब्बे पूरी तरह से और हमेशा के लिए ठीक हो जाएंगे। यह पूरी तरह से साइंटिफिक जानकारी होगी। और इसके साथ साथ कोई टिप्स भी बताऊंगा जिससे यह फिर से वापस ना आए।

झाइयों किन में आती है। melasma।          झाइयां यह बीमारी ज्यादातर औरतों में पाई जाती है। पुरुषों में इसका प्रमाण बहुत ही कम है। इसमें क्या होता है कि पूरे चेहरे पर काले दाग धब्बे आ जाते हैं। पूरे चेहरे पर खासकर के दाग धब्बे ज्यादातर गाल, नाक , माथा, lips के आजू-बाजू के हिस्से में ज्यादा आ जाते हैं।
Read more- hangover treatment in hindi  झाइयों का कारण। causes of melasma ।            और…

Coronavirus prevention in hindi

Coronavirus prevention in hindi  - कोरोनावायरस ने तो दिमाग खराब कर रखा है। इधर जाओ, उधर जाओ,  कोरोनावायरस, न्यूज़ लगाओ तो भी सिर्फ और सिर्फ कोरोनावायरस है। पूरा विश्व अब इंतजार कर रहा है कि कोरोनावायरस कब जाएगा और हम कब चैन की सांस ले सकेंगे। लेकिन कोरोनावायरस है कि वह जाता ही नहीं है।

Read this post in English

        WHO डब्ल्यू डब्ल्यू एच ओ ने स्पष्ट कर दिया है कि शायद कोरोनावायरस अब कभी भी नहीं जाएगा। जैसे स्वाइन फ्लू रहेगा वैसे ही कोरोनावायरस कोविड-19 रह सकता है। और साथ ही दूसरे शास्त्रज्ञोंकी माने तो अगर कोरोनावायरस गया भी तो कम से कम 6 महीने से 1 साल तो वह रहेगा ही रहेगा। उसके  बाद ही उसके कम होने के चांसेस है।

       अभी lockdown धीरे  धीरे उठ रहा है। दुकानें शुरू हो गई है, कंपनी शुरू हो गए हैं, लोग अपने अपने जॉब पर जाने लगे हैं। धीरे-धीरे कुछ दिनों में पूरी तरह से लॉक डाउन उठ जाएगा। मेट्रो सिटीज से गांव में लोग आना शुरू हो चुके हैं। इन दोनों वजह से पूरे देश में अब कोरोनावायरस फैलने का बहुत ही ज्यादा चांसेस है। तो अभी हमें बहुत ही ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ेगी।             अगर ह…