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Hyperhidrosis in hindi

हाथ पैरो में पसीना आना का घरेलू इलाज
Hyperhidrosis treatment in hindi 

Hyperhidrosis- हाथ पैरों में ज्यादा पसीना आता है?  कुछ लोग इसे सर्दी आना भी बोलते हैं। अंग्रेजी में ऐसे हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। हाथ पैरों में पसीना आना इंसानों में बहुत ही ज्यादा परेशानी का कारण बन सकता है।  खासकर ऑफिस वर्क करने वाले लोगों में। जिनका लिखने का ही काम होता है। सोचो हाथ में अगर आपके बहुत ही ज्यादा पसीना आया हो, और आप लिख रहे हो तो  आपको कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता होगा।

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      हाथ पैरों में पसीना आने की वजह से कुछ लोग लोगों से मिलने जुलने में भी कतराते हैं। वह अकेले ही रहने लगते हैं। नॉरमल पर्सन में क्या होता है कि अगर टेंपरेचर बढ़ जाए या फिर व्यायाम के बाद पसीना आता है। लेकिन इन पेशेंट में  ऐसी कोई संभावना नहीं होती। इनमें ज्यादा पसीना आने के लिए टेंपरेचर  हाय होना जरूरी है न  व्यायाम करना जरूरी है। इनको 24 घंटे पसीना आता ही रहता है। उन लोगों को ठंड के सर्दी के मौसम में भी पसीना आता है।

हाथ पैर में पसीना आने के कारण

1 heridatory- हेरिडिटी यानी अनुवांशिक। यह बीमारी दादा से आपके पिताजी को और आपके पिताजी से आपको ऐसा हो सकती है। यह कई फैमिलीज में पाई जाती है।

2. टेंशन - जब आदमी ज्यादा परेशान और टेंशन में होता है तो उसको ज्यादा पसीना आता है।
3. कैलशियम डिफिशिएंसी - शरीर में कैल्शियम की कमी होने के कारण पसीना ज्यादा आता है।

3. हाइपरएक्टिविटी ऑफ पैरा सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम- hyperactivity of sympathetic nervous system- सिंपैथेटिक और पैरा सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम होती है। sympathetic नर्वस सिस्टम ज्यादा काम करने से ज्यादा पसीना आता है।
Kaale daag dhabbe treatment 

 Treatment of hyperhidrosis 

1. टेबलेट ऑस्टोकेल्शियम ostocalcium 500mg एक गोली सुबह एक गोली शाम को खाने के बाद इसका। 2 महीने का कोर्स होता है।

2. पोटेशियम परमैंगनेट क्रिस्टल kmno4 क्रिस्टल। पानी गर्म करके लीजिए उस गर्म पानी में चार से पांच kmno4 की क्रिस्टल्स डालिए। गुलाबी कलर का पानी हो जाएगा। उस पानी में हाथ और पैर 5 मिनट तक भीगोके रखिये। उसके बाद हाथ पैर पूरा सुखा लीजिए। उसमें ज्यादा  टेलकम पाउडर लगाइए। अगर आपके पास पोटेशियम परमैग्नेट नहीं है तो आप साल्ट यानी नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। गर्म पानी में एक चम्मच नमक घोल दीजिए और उसमें भी 5 मिनट तक हाथ पैर भिगोयिये।

3. अगर आपकी अंशस पर्सनैलिटी है और आपको टेंशन बहुत ही ज्यादा है तो आप फैमिली डॉक्टर को दिखा लीजिए आपको वो टेंशन कम करने की गोली देंगे
Hichki aane ka karan

हाथ पैर में पसीना कम करने के घरेलू उपाय

शूज आपको कैनवास के ही और कापड़ के शूज इस्तेमाल करने चाहिए। फॉर्मल ब्लैक कलर के, प्लास्टिक शूज जिसमें एयर अंदर नहीं आती, वह बिल्कुल ही इस्तेमाल ना करें। सॉक्स आपको कॉटन के ही इस्तेमाल करने हैं।synthetic  सॉक्स इस्तेमाल ना करें। कपड़े भी आपको पूरी our cotton के ही पहनने है। tericott टेरिलीन सिंथेटिक कपड़े मत पहने।

     Surgery for hyperhidrosis 

अगर ऊपर के किसी भी ट्रीटमेंट या फिर घरेलू उपाय से फर्क नहीं पड़ रहा। और पसीना ज्यादा ही आ रहा है, या फिर ज्यादा पसीना आने से आप अपना रेगुलर काम नहीं कर पा रहे हैं। काम करने में दिक्कत आ रही है । तो आपको इसका  परमानेंट सॉल्यूशन है सर्जरी। यानी ऑपरेशन उस ऑपरेशन का नाम है सर्वाइकल सिंपैथेक्टोमी cervical sympathectomy । आप सर्जन को दिखाइए। सर्जन ऑपरेशन करेंगे।  इसमें क्या होता है की सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम और sweat glands  का कनेक्शन काट दिया जाता है। इससे हाथ पैरों में पसीना नहीं आता।
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Stay fit stay healthy ।
Hyperhidrosis treatment
Hyperhidrosis in hindi 

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