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लेप्टोस्पायरोसिस। leptospirosis in hindi


लेप्टोस्पायरोसिस
Leptospirosis 

  Leptospirosis in hindi - लेप्टोस्पायरोसिस एक बैक्टीरियल बीमारी है।  लेप्टोस्पायरोसिस फैलने वाले बैक्टीरिया का नाम है leptospira। यह बीमारी जहां ज्यादा पानी होता है, दलदल है, वहां पाई जाती है।  खासकर बाढ जब आ जाती है उसके बाद ही फैलती है।
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        यह बीमारी चूहा गिलहरी आदि जो कतरने वाले जानवर होते हैं उन से फैलती है। जब बाढ़ आती है तब इसका खतरा बहुत ही ज्यादा बढ़ता है। क्योंकि चूहा गिलहरी कुत्ता ऐसे जानवर इस बाढ़ में मर जाते हैं। उनके शरीर में leptospira नाम के बैक्टीरिया होते हैं। यह बैक्टीरिया उनसे पानी और जमीन में फैलते हैं। पानी और जमीन के संपर्क में, इनफेक्टेड जमीन के संपर्क में जो इंसान आते हैं, तब वह इंसानों में फैल जाते हैं।

किसान सब्जियां उगाते हैं, सब्जियां उगाने के लिए उन्हें खेतों में चलना पड़ता है, तब उन सब्जियों के जरिए और शरीर पर हुई जख्म के जरिए वह बैक्टीरिया इंसानों के शरीर में आ जाते है।

Leptospirosis symptoms 

बुखार आना,  बुखार के साथ-साथ ठंड भी लगती है।बहुत ही ज्यादा सिर दुखता है। पेट भी दुखता है। पूरा शरीर में पेन होता है। लेप्टोस्पायरोसिस का स्पेशल लक्षण है आंख लाल होना। आंख लाल होती है, आंखों में जलन होती है। आख के पीछे का जो बाजू है, वह ज्यादा दुखती है। सिर दर्द - सिर दर्द में सिर के आगे का भाग यानी फ्रंटल एंड टेंपोरल हेडेक frontal and temporal headache- । कान का बाजू का भाग ज्यादा दुखता है। जो दूसरे आजारों में नहीं पाया जाता। कुछ पेशेंट में सर्दी खासी भी हो जाती है। कुछ पेशेंट में हाइपर एसिडिटी और nausea,  vomiting भी होता है।
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Diagnosis of leptospira

ब्लड में और पेशाब में leptospira बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इसके लिए सीबीसी CBC और यूरिन रूटीन  Urine routine खून की जांच और पेशाब की जांच की जाती है।

Leptospirosis treatment 

7 दिनों के लिए एंटीबायोटिक का कोर्स करना पड़ता है।
1.cap. doxybest 100- doxycycline 100mg
इसका dose है पहले दिन सुबह और शाम को दो गोली सुबह शाम और उसके बाद 6 दिनों तक रोज एक गोली  एंटासिड के साथ।

2. T. Azee 500mg-  azithromycin500mg  रोज सुबह एक गोली खाने के बाद 5 दिनों तक।
यह टैबलेट आपको आपके फैमिली डॉक्टर की सलाह से ही लेनी है आपको खुद से मेडिकल में जाकर नहीं लेने हैं।
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लेप्टोस्पायरोसिस से बचने के उपाय

पानी उबालकर पिए। सब्जी अच्छी तरह से धोए और पूरी तरह से सब्जियां पकाए। आधा पका हुआ खाना आधी पकी हुई सब्जियां ना खाएं। न पकाई हुई और हरी सब्जियां कच्ची बिल्कुल ना खाएं। बाढ़ के पानी में जाते वक्त,  घर की साफ सफाई करते वक्त, या फिर खेतों में पानी देते वक्त, या फिर जानवरों का मल मूत्र साफ करते वक्त आपको पैरों में प्लास्टिक का बूट इस्तेमाल करना बहुत ही जरूरी है। प्लास्टिक का एक बड़ा बूट मिलता है जो घुटनों तक आता है। वह पहन कर ही आप अपनी रोजमर्रा के काम करें।

   मरे हुए चूहा, बिल्ली, गिलहरी, कुत्ता इन्हे फैकिये  dont burry नहीं। जलाना सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आप को जरा सा भी बुखार हो तो घर पर मत बैठे, अपने फैमिली डॉक्टर को दिखा दीजिए।  उनकी सलाह से ही औषधि लीजिए।

इस बाढ़ के मौसम में सिर्फ लिफ्टो स्पायरा ही नहीं, cholera, gastroenteritis, उल्टी जैसी बहुत सारी बीमारियां बढ़ती है। इससे बचने के लिए आपको पानी उबालकर ही पीना पड़ेगा। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। घर और आसपास का एरिया साफ सुथरा रखें। leptospirosis के लक्षण अगर दिखाई दे, तो तुरंत ही अपने डॉक्टर को दिखा दीजिए।
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